Diabetes Type 1 in Hindi

टाइप 1 मधुमेह - Diabetes Type 1 in Hindi

Dr. Anurag Shahi (AIIMS)
MBBS,MD, अन्य
4 वर्षों का अनुभव
टाइप 1 मधुमेह - Diabetes Type 1 in Hindi


परिचय(Introduction)


Diabetes Type 1 : टाइप 1 मधुमेह दुनियाभर में Diabetes के सभी मामलों में काफी कम पाया जाने वाला रोग होता है। Diabetes Type 1 तब होता है, जब आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अग्न्याशय मे मौजूद कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। ये कोशिकाएं इन्सुलिन(Insulin) बनाने का काम करती हैं। टाइप 1 डायबिटीज को “Insulin Dependent Diabetes” (इन्सुलिन पर निर्भर मधुमेह) भी कहा जाता है।

ज्यादातर लोग समझते हैं कि type 1 Diabetes बचपन(Childhood) में होने वाला रोग है, जबकि ऐसा नहीं है यह बचपन में होने वाला रोग नहीं है। यह किसी भी उम्र या नस्ल के व्यक्ति को हो सकता है। वास्तव में बच्चों के मुकाबले वयस्कों में Diabetes Type 1 अधिक पाया जाता है। हालांकि पहले इस रोग को “जुवेनाइल डायबिटीज” (बचपन का मधुमेह) के नाम से जाना जाता था।

Diabetes Type 1 से जुड़े लक्षणों में अधिक प्यास लगना, अधिक पेशाब आना, Weight Loss, बहुत थकान होना और बार-बार मूड बदलना आदि शामिल है। Diabetes का पता लगाने के लिए ज्यादातर मामलों में खून टेस्ट किया जाता है। Diabetes Type 1 के कारण शरीर में होने वाली क्षति का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपके कुछ अन्य टेस्ट भी कर सकते हैं।

Diabetes Type 1 के इलाज में मरीज को इन्सुलिन देना और उसकी जीवनशैली(Lifestyle) में कुछ बदलाव करना आदि शामिल है। Diabetes Type 1 होने से कई जटिलताएं पैदा हो जाती हैं, जैसे पैर(Foot), नसों, आंखों या फिर Kideny में किसी प्रकार की क्षति होना।
टाइप 1 मधुमेह - Diabetes Type 1 in Hindi

टाइप 1 मधुमेह क्या है - What is Type 1 Diabetes in Hindi
टाइप 1 मधुमेह के प्रकार - Types of Type 1 Diabetes in hindi
टाइप 1 मधुमेह के लक्षण - Diabetes Type 1 Symptoms in Hindi
टाइप 1 मधुमेह के कारण व जोखिम कारक - Type 1 Diabetes Causes & Risk Factors in Hindi
टाइप 1 मधुमेह का परीक्षण - Diagnosis of Type 1 Diabetes in Hindi
टाइप 1 मधुमेह के बचाव - Prevention of Type 1 Diabetes in Hindi
टाइप 1 मधुमेह का इलाज - Treatment of Type 1 Diabetes in Hindi
टाइप 1 मधुमेह की जटिलताएं - Complication of Type 1 Diabetes in Hindi


टाइप 1 मधुमेह क्या है - What is Type 1 Diabetes in Hindi


Diabetes Type 1 क्या है?

Diabetes Type 1 का मतलब है कि कोशिकाओं में ग्लूकोज पहुंचाने के लिए इन्सुलिन नहीं है और इस कारण से खून में शुगर बनने लग जाता है। Insulin एक हार्मोन होता है, जिसकी मदद से शरीर खून से ग्लूकोज निकाल कर शरीर की कोशिकाओं में डालता है। Diabetes Type 1 से जीवन के लिए घातक स्थिति पैदा हो सकती है।

टाइप 1 मधुमेह के प्रकार - Types of Type 1 Diabetes in hindi


टाइप 1 मधुमेह कितने प्रकार का होता है?

Type 1 Diabetes मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:

Diabetes Type 1:
इसमें शरीर में लगभग पूरी तरह से इन्सुलिन(Insulin) की कमी हो जाती है, जो आमतौर पर स्व: प्रतिरक्षित रोगों के कारण होती है। यह आमतौर पर बचपन(Childhood) में ही विकसित होता है और 30 साल की उम्र के बाद बहुत ही कम मामलों में Diabetes का यह प्रकार हो पाता है। इसमें शरीर का वजन सामान्य रहता है। यदि किसी व्यक्ति के परिवार में पहले कभी Diabetes Type 1 नहीं हुआ है, तो भी उसे यह रोग हो सकता है। इसमें खून में शुगर का स्तर अस्थिर हो जाता है। टाइप 1 मधुमेह में जल्द से जल्द Insulin Treatment करवाने की आवश्यकता पड़ती है।


टाइप 1 बी या आइडियोपैथिक डायबिटीज:
Diabetes Type 1 का एक असाधारण प्रकार होता है, जिसमें शरीर में इन्सुलिन की मात्रा लगभग ना के बराबर होती है। यदि किसी व्यक्ति के परिवार में पहले किसी को यह Diabetes हो चुका है या है, तो इसके होने के जोखिम बहुत अधिक होते हैं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण होता है या नहीं इसके कोई सबूत नहीं है।


लेटेंट ऑटोइम्यून डायबिटीज ऑफ एडल्टहुड (LADA):
Diabetes Type 1 का ऐसा प्रकार होता है, जो वयस्कों में पैदा होता है। यह धीरे-धीरे बढ़ता है और अंत में Insulin Treatment की आवश्यकता पड़ जाती है। हालांकि शुरुआत में खाद्य पदार्थों(Food Products) व खाने की दवाओं(Medicine) से इसके लक्षणों में सुधार हो जाता है।

टाइप 1 मधुमेह के लक्षण - Diabetes type 1 Symptoms in Hindi


टाइप 1 मधुमेह के लक्षण क्या हैं?

Diabetes Type 1 में होने वाले लक्षण काफी अलग-अलग हो सकते हैं, जिनमें निम्नलिखित लक्षण शामिल हैं:


  • बहुत अधिक प्यास लगना
  • अधिक पेशाब आना
  • थकावट और सुस्ती महसूस होना
  • हमेशा भूखा महसूस होना
  • त्वचा पर कट या घाव धीरे-धीरे ठीक होना
  • खुजली व त्वचा संक्रमण
  • धुंधला दिखना
  • शरीर का वजन कम(Weight loss) होना, जिसके कारण का पता ना हो
  • बार-बार मूड बदलना
  • सिरदर्द होना
  • चक्कर आना
  • टांग की मांसपेशियों में ऐंठन


डॉक्टर(Doctor) को कब दिखाएं?

यदि आपको टाइप 1 मधुमेह है और आपको निम्नलिखित लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो आपको जल्द से जल्द Doctor को दिखा लेना चाहिए:


  • हाथ व पैर सुन्न होना
  • धुंधला दिखना
  • अत्यधिक पेशाब आना
  • घाव व छाले आदि ठीक होने में अधिक समय(Long time) लगना।


टाइप 1 मधुमेह के कारण व जोखिम कारक - Type 1 Diabetes Causes and Risk Factors in Hindi


टाइप 1 मधुमेह क्यों होता है?

Diabetes Type 1 के सटीक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। लेकिन इतना पता है कि यह एक पारिवारिक समस्या है और यदि Family member में किसी एक को यह है तो बाकी family members को भी यह रोग होने का खतरा अधिक हो जाता है। टाइप 1 मधुमेह की रोकथाम करना संभव नहीं है और यह समस्या हमारी जीवनशैली(Lifestyle) से संबंधित भी नहीं होती है।

आनुवंशिक:
Type 1 Diabetes में आपका जीन एक बहुत महत्वपूर्ण(Important) भूमिका निभाता है, खासकर उन मरीजों में जिन्हें बचपन या किशोरावस्था(Childhood) में यह रोग हो जाता है। बचपन में शरीर में एक Protein बनता है, जिसकी मदद से प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर को Healthy रखती है। Type 1 Diabetes एक स्व प्रतिरक्षित रोग है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर की Insulin बनाने वाली कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त कर देती है।


वातावरणीय कारक:
वातावरण के कारकों में Virus (रूबेला, कॉक्सेकिवायरस बी और एंटेरोवायरस), Toxin (विषाक्त पदार्थ) और Minerals (गाय का दूध, सेरियल) शामिल हैं।

Type 1 Diabetes होने का खतरा कब बढ़ता है?

कुछ स्थितियां हैं, जो Diabetes type 1 होने का खतरा बढ़ाती हैं:

पारिवारिक समस्या(Family Problem):
यदि किसी व्यक्ति के मां-बाप या सगे भाई-बहन में से किसी को type 1 Diabetes है, तो उसके लिए भी यह रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।


उम्र(Age):
वैसे तो टाइप 1 मधुमेह किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन इसके मामले विशेष रूप से खासकर 4 से 7 साल के बच्चों(Childs) में अधिक होते हैं। कुछ मामलों में 10 से 14 साल के बच्चों में भी इसके मामले अधिक देखे गए हैं।

टाइप 1 मधुमेह का परीक्षण - Diagnosis of Type 1 Diabetes in Hindi


टाइप 1 मधुमेह का परीक्षण कैसे करें?

परीक्षण के दौरान आपके Doctor's आपसे लक्षणों व आपके स्वास्थ्य संबंधी पिछली स्थिति के बारे में पूछेंगे। इसके अलावा आपके Blood में sugar के स्तर की जांच करने के लिए Doctor कुछ Test भी कर सकते हैं, जिनमें निम्नलिखित टेस्ट शामिल हैं:

ब्लड टेस्ट(Blood Test):
किसी व्यक्ति को Diabetes है या नहीं यह पता लगान के लिए, उसके खून में शुगर के स्तर की जांच की जाती है। यह Test दो बार किया जाता है एक बार खाना खाने से पहले और फिर खाना खाने के बाद। Hospital में खून के कुछ सेंपल लिए जा सकते हैं और फिर जांच के लिए उन्हें Laboratory में भेजा जा सकता है।


एचबीए1सी टेस्ट(HBA1C Test):
यह पता लगाने के लिए कि कहीं काफी लंबे समय से Blood Sugar का स्तर अधिक तो नहीं हो रहा, उसके लिए HBA1C के स्तर की जांच की जाती है। HBA1C test की मदद से यह पता लगाया जाता है कि पिछले दो या तीन महीनों में आपका Sugar औसतन कितना अधिक रहा है।

यदि Diabetes के टाइप का पता नहीं है, तो इस बारे में पता लगाने के लिए आपके Doctor निम्नलिखित में से कोई एक या अधिक टेस्ट कर सकते हैं:


  • कीटोन टेस्ट
  • जीएडी ऑटो एंटीबॉडीज टेस्ट
  • सी-पेपाइड टेस्ट


टाइप 1 मधुमेह के बचाव - Prevention of Type 1 Diabetes in Hindi


टाइप 1 मधुमेह की रोकथाम कैसे करें?

अभी तक ऐसी कोई थेरेपी(Therapy) उपलब्ध नहीं है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली में बदलाव कर सके और अग्न्याशय की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचा सके।

Type 1 Diabetes की रोकथाम करने के लिए अभी तक किसी उपाय का पता नहीं चल पाया है। लेकिन जिन लोगों का हाल ही में type 1 Diabetes का परीक्षण हुआ है, उनके लिए शोधकर्ता अभी भी Type 1 Diabetes को बढ़ने से रोकने और अग्न्याशय की कोशिकाओं में क्षति से बचाव के लिए उपाय खोज रहे हैं।

टाइप 1 मधुमेह का इलाज - Treatment of Type 1 Diabetes in Hindi

Type 1 Diabetes का इलाज कैसे किया जाता है?

Diabetes को पूरी तरह से ठीक करना possible नहीं है। इसके इलाज का मुख्य लक्ष्य जितना possible हो सके Blood में sugar के स्तर को सामान्य रखना होता है, ताकि इससे होने वाली जटिलताओं की रोकथाम हो सके।

Type 1 Diabetes को नियंत्रित किया जा सकता है, जिसकी मदद से इससे ग्रस्त लोग एक स्वस्थ व एक्टिव जीवन जी सकते हैं।

Diabetes Type 1 में, इलाज का मुख्य लक्ष्य रोजाना ब्लड शुगर पर नजर रखना और नियमित रूप से Insulin इस्तेमाल करना होता है। Insulin Therapy शरीर में इन्सुलिन के स्तर को बढ़ाने और खून में शुगर के स्तर को कम करने का काम करती है। Blood में शुगर का स्तर बहुत अधिक या बहुत कम होने से बचाव करने के लिए, Insulin को बहुत अधिक या बहुत कम मात्रा में नहीं लेना चाहिए। इसके अलावा इलाज का लक्ष्य Diabetes के कारण होने वाली दीर्घकालिक जटिलताओं से बचाव करना भी होता है। अलग-अलग प्रकार के Insulin के लिए अलग-अलग प्रकार के उपचार तरीके होते हैं।

Blood Sugar का स्तर सिर्फ उस इन्सुलिन से ही प्रभावित नहीं होता, जो आप टीके की मदद से लेते हैं। बल्कि आप क्या खाते या पीते हैं इससे भी प्रभावित होता है। साथ ही साथ आप किसी शारीरिक गतिविधि के दौरान शरीर की कितनी Energy का उपयोग करते हैं, इससे भी आपके खून में शुगर का स्तर Effects होता है। इसलिए ज्यादातर लोग अपने शरीर व आदतों के अनुसार Insulin Therapy को बारीकी से एडजस्ट करना सीख जाते हैं।

Type 1 Diabetes के इलाज को सफल करने के लिए, मरीज को अपने Diabetes की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी रखना, अपनी थेरेपी को मैनेज करना और एक अच्छे Doctor से इलाज करवाना जरूरी होता है। लेकिन लंबे समय के बाद मरीज का स्वास्थ्य सिर्फ शुगर के स्तर के अलावा स्वास्थ्य संबंधी अन्य कई चीजों पर निर्भर करने लगता है। Blood Pressure जैसे कुछ पहलू भी Diabetes पर बहुत बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। इसी वजह से Type 1 Diabetes से ग्रस्त लोगों को अन्य प्रकार की दवाएं भी लेनी पड़ती हैं, उदाहरण के लिए कार्डियोवास्कुलर रोग के लिए medicine लेना।

शारीरिक रूप से गतिशील रहना, नियमित रूप से Exercise करना और अच्छे व Healthy आहार खाने से भी Blood Sugar को कंट्रोल करने में और Diabetes से होने वाली दीर्घकालिक जटिलताओं से बचाव करने में मदद मिलती है। सही आहार खाना व नियमित रूप से Exercise करना Type 1 Diabetes को मैनेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इनकी मदद से Insulin की आवश्यकता या रोग को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है।

टाइप 1 मधुमेह की जटिलताएं - Complication of Type 1 Diabetes in Hindi


टाइप 1 मधुमेह से क्या जटिलताएं होती हैं?

यदि type 1 Diabetes को बिना इलाज किए छोड़ दिया जाए, तो इससे कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। Glucose की अधिक मात्रा से रक्त वाहिकाएं, नसें और अंदरुनी अंग damage होने लग जाते हैं।

Type 1 Diabetes से होने वाली जटिलताएं जो कम समय तक रहती हैं:

यदि खून में Glucose का स्तर बहुत कम हो जाता है या यदि Insulin का Injection लगवाना भूल गए हैं, तो इससे अल्पकालिक जटिलताएं विकसित हो सकती हैं:

हाइपोग्लाइसीमिया:
यह तब होता है जब Blood में Sugar का स्तर अत्यधिक कम हो जाता है।


कीटोएसिडोसिस:
ऐसा तब होता है, जब Insulin का Injection लगाना भूल जाएं या खून में Glucose का स्तर अत्यधिक बढ़ जाए।


Type 1 Diabetes से होने वाली दीर्घकालिक जटिलताएं:

Diabetes से होने वाली जटिलताएं आखिर में मरीज को दुर्बल बना देती हैं और यहां तक कि जीवन के लिए Harmful स्थिति भी पैदा कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:

हृदय और रक्त वाहिकाओं जुड़े रोग:
Diabetes कई प्रकार के कार्डियोवास्कुलर रोगों का खतरा बढ़ा देता है, जैसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज, छाती में दर्द, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, एथेरोस्क्लेरोसिस और High Blood pressure  आदि।


नसें क्षतिग्रस्त होना (Neo therapy):
अत्यधिक Sugar से सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं (जिन्हें केशिकाएं कहा जाता है) की परत Damaged हो जाती हैं। ये केशिकाएं, रक्त वाहिकाओं (खासकर टांग की वाहिकाओं) को पोषण प्रदान करती हैं। इससे झनझनाहट, सुन्नता, जलन या pain होने लगता है। ऐसा आमतौर पैरों या हाथों की उंगलियों में महसूस होता है और फिर धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ने लगता है। यदि Blood Sugar को ठीक से कंट्रोल नहीं किया जाए, तो आखिर में उस से Effective अंग में स्पर्श महसूस होना बिलकुल बंद हो जाता है।


जठरांत्र पथ की समस्याएं:
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (जठरांत्र पथ) से जुड़ी कोई नस Damage होने से दस्त, कब्ज, मतली और उल्टी जैसी problem पैदा हो जाती हैं। पुरुषों में स्तंभन दोष जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।


किडनी क्षतिग्रस्त होना (नेफ्रोपैथी):
Kidney में लाखों सूक्ष्म रक्त वाहिकाओं के गुच्छे (समूह) होते हैं, जो व्यर्थ पदार्थों को Filter करने का काम करते हैं। Diabetes इस नाजुक अंग को क्षतिग्रस्त कर सकता है। गंभीर रूप से Damage होने पर Kidney खराब हो जाती है या Kidney संबंधी कोई ऐसा गंभीर रोग हो जाता है जिसको ठीक नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में Kidney डायलिसिस या किडनी प्रत्यारोपण (Kidney Transplantation) करने की आश्यकता पड़ती है।


आंखें क्षतिग्रस्त होना:
Type 1 Diabetes से रेटिना की रक्त वाहिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं, इस स्थिति को “डायबिटिक रेटिनोपैथी” कहा जाता है। यह संभावित रूप से अंधेपन(Blindness) का कारण भी बन सकती है।


गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं:
खून में शुगर की अधिक मात्रा मां व उसके गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए Harmful हो सकती है। यदि type 1 Diabetes को ठीक से Control ना किया जाए तो उससे Miscarriage, मृत बच्चा जन्म लेने और अन्य जन्म दोष की समस्या हो सकती है।


नजर संबंधी समस्याएं:
Type 1 Diabetes अन्य कई गंभीर स्थितियों का कारण भी बन सकता है जैसे मोतियाबिंद और काला मोतियाबिंद आदि।


पैर क्षतिग्रस्त होना:
पैर की नसें Damaged होने या फिर पैर तक पर्याप्त Blood ना जा पाने के कारण पैर संबंधी कई प्रकार की जटिलताएं विकसित हो सकती हैं।


घाव ठीक ना होना:
Type 1 Diabetes को यदि Control ना किया जाए तो टांग आदि पर बने घाव या फफोले ठीक नहीं होते और लगातार गंभीर होते रहते हैं। घाव लगातार बढ़ने से रोकने के लिए Effective अंग का हिस्सा काटना भी पड़ सकता है।


इन्फेक्शन:
Type 1 Diabetes से मुंह व त्वचा का Infection होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है, इसमें बैक्टीरियल इन्फेक्शन और फंगल इन्फेक्शन आदि शामिल हैं।

मसूड़ों के रोग:
Type 1 Diabetes से ग्रस्त लोगों को मसूड़ों के रोग होना और मुंह सूखना आदि जैसी समस्याएं होने लग जाती हैं।
Diabetes Type 1 in Hindi Diabetes Type 1 in Hindi Reviewed by Beautyhealthcares on January 12, 2020 Rating: 5

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